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    JvConnect

    1 week, 2 days ago

    *निमडीवाली ,भिवानी,हरियाणा*

    आयोजक : सर्वहितकारी शिक्षा समिति
    संयोजक : श्री सत्यप्रकाश जी

    मुझे प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्वहितकारी शिक्षा समिति की स्थापना आदरणीय श्री शेरसिंह भाई जी परिवार द्वारा हुई है। समिति की स्थापना के मूल में आर्यसमाज विचारधारा होने को बताया गया। यह समिति के मूल संस्थापक परिवार की निष्ठा और समर्पण मेरे लिए अनुकरणीय प्रतीत हुई। 65 वर्ष की आयु के श्री शेरसिंह भाई जी उनकी श्रीमती जी और दोनो पुत्र पुत्री द्वारा *जीवनविद्या की रोशनी में अध्ययन का मानस* व्यक्त हुआ है ।
    यह एक *सुखद संयोग* …पूर्व विचार धारा,संस्था का फैलाव, और हरियाणा क्षेत्र का स्थानीय प्रभाव…..यह सभी परिस्थितिजन्य चैलेंजेस से ऊपर उठते हुए वातावरण में मुझे पता ही नही लगा की
    कब शिविर की अवधि पूरी हुई…..

    शिविर में कुल 40 व्यक्ति पूरे समय के लिए उपस्थित हुए। दिल्ली के शिक्षा विभाग का एक समूह भी एक दिन के लिए भाग लेने पहुंचा था।

    1.विकल्प और अध्ययन बिंदु पुस्तक पर दिनभर चर्चा हुई है।
    सुबह 9 से सायंकाल 6 बजे तक।

    2.श्रीराम भाई द्वारा एक वांग्मय संकलन उपलब्ध हुआ…यह संकलन में एकत्रित मूल वांग्मय के साथ पूज्य बाबा जी के उद्बोधन का पठन हुआ। प्रातः 5:00 से 7:00 और रात्रि 8:30 से 10:00 तक।

    3.मध्यस्थ दर्शन विकल्प है यह सूचना स्पष्टीकरण पर चर्चा केंद्रीभूत हुई।

    आप सभी को जानकारी देने का इसलिए सोचा की सर्वहितकारी शिक्षा समिति के रूप में एक संस्था में *50 वर्ष* आगे तक का अवसर और साधन उपलब्ध है। जिसमे *शिक्षा* और *उत्पादन* अभ्यास यह दोनो ध्रुव स्पष्ट दिखाई देते हैं।

    संस्थाचालक परिवार को यह स्वीकार है की *मध्यस्थ दर्शन* *विकल्प* है। उनके सहयोग के लिए हरियाणा क्षेत्र के अनेक परिवार प्रतिनिधि श्री शेरसिंह जी परिवार के साथ आ गए हैं। *63 वर्षीय श्री सत्यप्रकाश जी के मनःस्थिति ने मुझे प्रभावित किया है। शिविर आयोजन के अनेक छोटे छोटे कार्य वे खुद अपने हाथ से कर रहे है…उनमें महत्वपूर्ण है हिसाब रखना। वरिष्ठ व्यक्तियों की ऐसी सक्रिय सहभागिता से जीवनविद्या केवल बोलने के लिए है.…यह भ्रम दूर होने में सहायता हुई है।* 65 वर्षीय श्री शेरसिंह जी की ऊर्जा कल्पना से परे है….पूरे समय सुबह बेल का शरबत और दलिया अपने हाथ से बनाकर खिलाते रहे…यह ऋण कैसे चुका पाऊंगा ? श्री अजीत सिंह,श्री राजेश पालीवाल,श्री ललित भाई,श्री संदीप भाटिया,श्री हरिओम जी समेत अनेक व्यक्ति अब अभ्यास सहित अध्ययन का मानस बना रहे हैं।
    ऐसे पवित्र वातावरण में सभी वरिष्ठ व्यक्तियों के उत्साह से शिविर की गुणवत्ता अपने आप स्थापित हुई…
    इसलिए सर्वहितकारी शिक्षा समिति के साथ अध्ययन की शृंखला विकसित होने से आनेवाले भविष्य में हरियाणा क्षेत्र में चेतना विकास मूल्य शिक्षा और परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था योजना का क्रियान्वयन संभव है क्योंकि सर्वहितकारी शिक्षा समिति के संरक्षण में मध्यस्थ दर्शन का अध्ययन और स्रोत के रूप में पूज्य बाबाजी के नाम लेकर संदर्भ सहित तर्कसंगत व्यवहार संगत विधि से पारंगत होने की इच्छाशक्ति का सूत्रपात हो रहा है यह स्पष्ट हुआ…

    🙏
    साभार: योगेश शास्त्री भैया

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